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वादों की सेल
वादों की सेल   [read more]
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"Despite being informed of ...
"Despite being informed of deterioration, in the absence of having clear understanding and commitment, human being helplessly moves towards his downfall in delusion." - Madhyasth Darshan by Shree A. Nagraj. [read more]
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आसपास बिखरी हुई शानदार कहानियाँ - Stories from here and there - 69
आसपास की बिखरी हुई शानदार कहानियाँ [read more]
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शर्म उनको मगर नहीं आती !
फ़ज़ल इमाम मल्लिक वह एक ऐतिहासिक क्षण था। लेकिन वह क्षण बहस-मुबाहसिों में ही खत्म हो गया और इन सबके बीच ही लोकपाल विधेयक कहीं बिला-सा गया। संसद में इतिहास बनना था लेकिन राजनीतिक दलों की नूरा कुश्ती और सांसद के रूप में कुछ विदूषकों की फूह ... [read more]
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रजत जयंती समारोह
मेरे विद्यालय में रजत जयंती समारोह में बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य . इस नृत्य को मैंने तैयार करवाया था  . आपको कैसा लगा देख कर अवश्य बताइयेगा.... [read more]
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साथ
सतीश के घर से लौटने के अगले तीन दिन तक अजय और शांति में अबोला बना रहा। झगड़ा ऐसी बात को लेकर हुआ था जिसका उनके निजी जीवन से कोई सीधा सम्बन्ध नहीं था। सतीश की बिटिय़ा के जन्मदिन के बहाने बड़े दिनों बाद ऐसा मौक़ा आया था कि तीन लंगोटिया या ... [read more]
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पटना के अशोक राजपथ से अग्निपथ तक का सफर
भोर होने में कुछ घंटे बाक़ी रहे होंगे। दरवाज़े के सांकल को चुपचाप लगाकर निकल गया था। गांधी मैदान की तरफ पैदल ही। फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने का जुनून टीवी और मल्टीप्लेक्स के आने के पहले सिनेमा संस्कृति का हिस्सा रहा है। टिकट खिड़की पर कता ... [read more]
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‘शीतल वाणी’ ने दिया एक करामाती कमाण्डर को सेल्यूट !
यह डा. वीरेन्द्र ‘आज़म’ और उनके टीम की इच्छा शक्ति, संकल्प और समर्पण का ही परिणाम रहा कि ‘शीतल वाणी’ का ’कमला प्रसाद स्मृति अंक’ सामने आ सका। यह अंक उस महान शख्सि़यत को समर्पित है जिनके योगदान को साहित्यिक व सांस्कृतिक जगत आसानी से भुला ... [read more]
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दिल्ली- याद का पहला पन्ना
Towards PSR प्लेन के रनवे पर चलते ही दिल में बारिशें शुरू हो गयीं थीं...हलके से एक हाथ सीने पर रखे हुए मैं उसे समझाने की कोशिश कर रही थी कि इस बार जल्दी आउंगी...इतने दिन नहीं अलग रहूंगी इस शहर से...मगर दिल ऐसा भरा भरा सा था कि कुछ समझन ... [read more]
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झूलती मीनार और अलबेला खत्री ने मारी डुबकी --- ललित शर्मा
अगली सुबह अलबेला खत्री जी से बात हुई तो उन्होने बताया कि वे एक दिन पहले अहमदाबाद में ही थे। फ़िर उन्होने कहा कि अगले दिन मैं सुबह की गाड़ी से अहमदाबाद आ रहा हूँ। वहीं मुलाकात हो जाएगी। मैने कहा कि अहमबाद स्टेशन पर आपको गाड़ी तैयार मिलेगी। ... [read more]
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मतदाता और सांसद विधायकों के लियें वोट डालने की अनिवार्यता कानून की आवश्यकता
विश्व के सबसे बढ़े लोकतंत्र भारत में इन दिनों भजपा के नेता लालकृष्ण अडवानी ने राजनीति और उम्र के आखरी पढाव में आकर जो समझा वोह यह है के देश में सभी को वोट डालने के लियें पाबंदी का कानून बनना चाहिए ..यह सही है के लाल कृष्ण आडवाणी को सत् ... [read more]
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अन्ना को नहीं दिखाई गई 'छन्नो​​'...खुशदीप
​बुधवार को पोस्ट लिखी थी...अन्ना, चमाटा और वीना मलिक...​ ​​ ​मंगलवार को अन्ना ने रालेगण सिद्धि में फिल्म गली गली चोर है देखने के बाद मीडिया से बात करते हुए चमाटे वाला बयान दिया था...मुझे ये जानने की बड़ी उत्सुकता थी कि जब अन्ना गांव क ... [read more]
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देशभक्ति कटघरे में, देश हाशिये पर
देश की चौंसठ साल की आजादी और उसके बाद से विकास का घूमता पहिया। दोनों मिलकर सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांप्रदायिक व्यवस्था में जो परिवर्तन लाया है, वह सही मायनों में विचित्र सा है । देश आज जिस हालात से गुजर रहा है उसकी कल्पना मात्र से ... [read more]
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रायबरेली को गांधी परिवार छोड़ना नहीं चाहता और लखनऊ थामना नहीं चाहता
लखनऊ के मुगलिया स्थापत्य कला को मायावती ने लाल पत्थरों और नीली रोशनी से चाहे बदल दिया। लेकिन रायबरेली को जो पहचान पचास के दशक में फिरोज गांधी के जरीये गांधी परिवार से मिली, उसे बदलने के लिये ना तो कभी मुलायम ने कोशिश की और ना ही मायावती ... [read more]
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दीवानेख़ास और आमख़ास
पिछली कड़ी-आम आदमी, बाज़ारू आदमी-1 हि न्दी का आमफ़हम शब्द 'ख़ास' इतना ख़ास है कि इसे बोले बिना किसी चीज़ की विशिष्टता को अभिव्यक्त कर पाना मश्किल सा लगता है । हिन्दी उर्दू में प्रचलित 'ख़ास' शब्द का मूल रूप है ‘खास्सः’ जिसका अर्थ है गु ... [read more]
विजय शर्मा को पदमश्री
हिमाचल को पेंटिंग्स में पदमश्री अवार्ड से नवाजा गया है और यह पुरस्कार चंबा के विख्यात चित्रकार 50 वर्षीय भाषा अधिकारी विजय शर्मा को मिला है। श्री शर्मा जो कि भूरि सिंह संग्रहालय में कार्यरत हैं। इससे पहले विजय शर्मा को वर्ष 1990 में तत् ... [read more]
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विजय शर्मा को पदमश्री
हिमाचल को पेंटिंग्स में पदमश्री अवार्ड से नवाजा गया है और यह पुरस्कार चंबा के विख्यात चित्रकार 50 वर्षीय भाषा अधिकारी विजय शर्मा को मिला है। श्री शर्मा जो कि भूरि सिंह संग्रहालय में कार्यरत हैं। इससे पहले विजय शर्मा को वर्ष 1990 में तत् ... [read more]
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गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें
आइये हम सभी गणतंत्र के इस जश्न में शामिल हों और भारत को एक समृद्ध राष्ट्र बनायें. गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें !! जय हिंद !! जय भारत !! [read more]
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आन-बान से लहराता
तीन रंगों का प्यारा झण्डा राष्ट्रीय ध्वज है कहलाता केसरिया, सफेद और हरा आन-बान से यह लहराता [read more]
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गणतंत्र दिवस की बधाईयाँ
!! गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाईयाँ !! [read more]
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प्यारा सा गणतंत्र हमारा
प्यारा-प्यारा देश हमारा. सारे जग से है ये न्यारा. [read more]
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गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें
सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें ...... जय हिंद  [read more]
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भारतीय गणतन्त्र : राष्ट्रीय पर्व
भारतीय गणतन्त्र चिरायु हो  [read more]
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भावनात्मक लगाव या अलगाव ...!
नार्वे में भारतीय मूल के अभिभावकों से उनके बच्चे इसलिए ले लिए गए क्योंकि बच्चों को अपने हाथों से खाना खिलाना और अपने साथ सुलाना , इस देश में बच्चों की उचित देखभाल न होने का मामला है । सात महीने तक अपने माता-पिता से अलग रहने के बाद खबर ह ... [read more]
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मैं अक्सर सोचता हूँ ...
मैं अक्सर सोचता हूँ क्या वो मुझको सोचता होगा? पलट के देखता हूँ क्या वो मुझको देखता होगा? मैं अक्सर सोचता हूँ इत्तेफकान मुझसे मिलने को कहीं ख्वाबों के रस्तों पे संदेसे फेंकता होगा? मैं अक्सर सोचता हूँ क्यूँ मैं उसकी राह को देखूं ... [read more]
कलात्मकता के विभिन्न आयाम
जब पेरिस की कलाकार जुलियना सांताक्रुजहेरेरा ने देखा कि पेरिसकी सड़कें बहुत टूटी-फूटी और और उदास हैं, इन्हें ताजा स्पर्श  की जरूरत है [read more]
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तुमको देखा था..
देखा मैंने बहुत देखा खूब देखा हाथ की घड़ी बूढ़े का बिवाय देखा चिलकती धूप में गाता बंजारा आवारा, गुमनाम सितारा देखा तीन शहर चार नदियां देखी जलते जंगलों के पीछे दहकता आसमां तिलिस्मी रात काली, तनी दोनाली देखी गूंगों का गांव मरने के ... [read more]
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कोसी महासेतु दर्शन-2
एक जमाना था जब दोनों इलाके रेललाईन से जुड़े हुए थे। निर्मली से भपटियाही रेललाईन थी। लेकिन सन् 1934 के भूंकंप में वो पुल भी टूट गया। फिर तो सारा कुछ बर्बाद हो गया। तमाम पुराने संबंध खत्म होते गए। दरभंगा-मधुबनी वालों के लिए सहरसा-पूर्णिय ... [read more]
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कविता : बचपन बीता
 बचपन बीता  [read more]
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सहरसा में बाल श्रमिक उन्मूलन एवं विभिन्न श्रम अधिनियमों का एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
सहरसा। सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के पार्श्व में आयोजित बाल श्रमिक उन्मूलन एवं विभिन्न श्रम अधिनियमों का एक दिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता कोसी अंचल के वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव ‘शलभ’ ने की कार्यक्रम में सहरसा जिले के प्रखण्ड प ... [read more]
 
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